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सीहोर जिला अस्पताल के ICU में पानी रिसाव, बारिश के बाद रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के सीहोर जिला अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) वार्ड से पानी रिसाव का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला बारिश के दौरान सामने आया, जब ICU जैसी अत्यंत संवेदनशील यूनिट में पानी टपकता हुआ दिखाई दिया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना जिला अस्पताल के ICU वार्ड में हुई, जहां लगातार बारिश के बाद एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम के फेल हो जाने से पानी रिसाव शुरू हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वार्ड के अंदर छत या सिस्टम से पानी टपक रहा है, जिससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति बन गई।
ICU वार्ड में भर्ती मरीज गंभीर रूप से बीमार होते हैं और वहां अत्यधिक सावधानी और नियंत्रित वातावरण की आवश्यकता होती है। ऐसे में पानी का रिसाव होना न केवल चिकित्सा व्यवस्था की कमी को दर्शाता है, बल्कि मरीजों की जान को भी खतरे में डाल सकता है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण यूनिट में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिला अस्पताल के ICU वार्ड में छत से लगातार पानी टपकने का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के रखरखाव के दावों की हवा निकल गई है और गंभीर मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल… pic.twitter.com/w2xsQNdLlI
— Nedrick News (@nedricknews) July 4, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो के अनुसार, बारिश के दौरान अस्पताल की छत और एसी सिस्टम से पानी रिसने लगा, जिससे ICU वार्ड का वातावरण प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एयर कंडीशनिंग सिस्टम पूरी तरह से काम करना बंद कर गया, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
इस घटना ने अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि ICU जैसे संवेदनशील वार्ड में नियमित रखरखाव सही तरीके से किया जाता, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि गंभीर मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन इस मामले में व्यवस्थागत खामियां स्पष्ट रूप से सामने आई हैं।
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन जांच के दायरे में आ गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह जांच की जा रही है कि आखिरकार ICU वार्ड में इस तरह की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई और किस स्तर पर लापरवाही हुई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ICU में संक्रमण और बाहरी वातावरण का प्रभाव मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे में पानी का रिसाव और AC सिस्टम का फेल होना अस्पताल की गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक चूक को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और मरम्मत कार्य समय पर होना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों।
अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने और मरम्मत कार्य शुरू करने की बात कही जा रही है, हालांकि घटना को लेकर आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे और रखरखाव की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर मेंटेनेंस किया जाए तो इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है।
कुल मिलाकर, सीहोर जिला अस्पताल के ICU में पानी रिसाव की यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है और मरीजों की सुरक्षा को लेकर तत्काल सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है।





